Bhugol-Aur-Aap # भूगोल और आप

जल संरक्षण के आसान उपाय अपनायें , वर्षा जल बचायें

जल मनुष्य को प्रकृति द्वारा दिया गया वरदान है । जल है तो जीवन है । प्रकृति वर्षा द्वारा जल देती है । जल संरक्षण की आवश्यकता है ताकि हमारा भविष्य सुखमय हो ।

भूगोल और आप

थायराइड की गड़बड़ी को नियंत्रण में रखना

35 वर्षीया रेणुका जो कि फिटनेस इन्स्ट्रक्टर है, ने जब यह पाया कि उसकी ऊर्जा घटती जा रही है तो उसे ऐसा लगा कि यह उसकी बढ़ती उम्र का प्रभाव है। लेकिन जब उसकी मांसपेशियों में तेज दर्द होने लगा और उसके पांवों में ऐंठन होने लगी तो उसने अपने डाक्टर को दिखाया और उस डाक्टर ने परीक्षण करने  पर यह पाया कि ऐसा थायराइड के सही ढंग से कार्य नहीं करने के कारण हो रहा है। थायराइड, जो कि छोटी सी तितली के आकार...

भूगोल और आप

सरिस्का टाइगर रिजर्व – संकटों से घिरी भूमि

सरिस्का की यह बाघ परियोजना देश-विदेश में विख्यात रही है। अनेक वर्षों तक यहां निर्भय होकर बाघ फले फूले है। बहुत से जाने माने विदेशी मेहमान यहां बाघ देखने के लिए आते रहे हैं ।  वर्षों तक सरिस्का का जंगल बाघ की गर्जना सुनता रहा है। ऐसे में सरिस्का जंगल से बाघों का विलुप्त हो जाना, आश्चर्य ही नहीं बल्कि चिन्ता का विषय है। पर्यावरण के विद्वानों ने इस बात को स्पष्ट कर दिया कि जंगलों से बाघों...

भूगोल और आप

सात नये ग्रह दिखे , तीन पर जीवन की संभावना !

नासा (अमेरिकी स्पेस एजेंसी ) ने दावा किया है कि उसके वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से 40 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित सात नये ग्रह खोजे हैं। इनमें से तीन ग्रहों पर जीवन की संभावना है । नासा के अनुसार , उसके वैज्ञानिकों का मानना है कि ये सात नये ग्रह आकार में पृथ्वी के बराबर हैं औऱ एक तारे के इर्द-गिर्द परिक्रमा करते हैं । वैज्ञानिकों ने इस तारे का नाम "ट्रेपिस्ट-1" बताया है । यह तारा "बृहस्पति ग्रह"...

भूगोल और आप

फिर से सक्रिय हुआ अंडमान का बैरन ज्वालामुखी

भारत के अंडमान में स्थित बैरन ज्वालामुखी ने 150 वर्षों बाद 1991 में फिर से राख और लावा उगलना शुरू कर दिया था । गत् जनवरी में इस घटना की पुनरावृत्ति हुई । इसने वैज्ञानिकों की चिंता को बढ़ा दिया है। राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (एनआईओ ), गोवा द्वारा दी गयी जानकारी में बताया गया है कि गत् माह जनवरी में एनआईओ औऱ सीएसआईआर के वैज्ञानिकों का एक संयुक्त दल इस क्षेत्र के निरीक्षण के लिये गया था...

भूगोल और आप

भारत का मानचित्र निर्माण करने की गाथा तथा योगदान

प्राचीन भारत की उपजाऊ भूमि ने शून्य की अतिसूक्ष्म अवधारणा को जन्म दिया जो कि अपने आप शून्य मात्र था किन्तु उसमें अनन्त संभावना छिपी हुई थी। बहुत बाद में 7वीं शताब्दी में सबसे पहले ब्रह्मगुप्त ने इस अवधारणा को गणित के साथ समेकित किया। विभिन्न समयों और विभिन्न स्थानों पर इसे सिफ्र, जेफाइरम, जिफ्र, जेनेरो, जीरो नाम से जाना जाता रहा था और अरब के गणितज्ञों द्वारा शून्य को अपनी गणना में स्थान...

भूगोल और आप

तटवर्त्ती इलाको में सुभेद्यता जोखिम का मूल्यांकन

दिसम्बर 2004 में आए सुनामी के बाद प्राकृतिक जोखिमों और तटवर्ती प्रक्रियाओं के वैज्ञानिक अध्ययन का महत्व बढ़ गया है क्योंकि देश ने जान-माल और पर्यावरण के हुए भारी नुकसान से सबक सीखा है। राष्ट्र के लिए विशवसनीय तटवर्ती सुभेद्यता संबंधी जानकारी उपलब्ध नही रहने के कारण तटवर्ती भूमि के वर्गीकरण और उसकी  सुभेद्यता जोखिम के मूल्यांकन की जरूरत पैदा हो गई है। हमारे राष्ट्र के तटवर्ती क्षेत्रों...

भूगोल और आप

भारत में राज्यों का पुनर्गठन एवं नवीन राज्यों की मांग

सन 1947 में देश को आजादी मिलने के बाद राज्यों का पुनर्गठन हुआ । भाषाई और सांस्कृतिक आधार पर नये राज्यों के निर्माण की मांग हुई । 14 राज्य ,6 संघीय राज्य बनाये गये ।

भूगोल और आप

झीलों का महत्व समझें और उनको बचानें में योगदान दें

झीलों  का महत्व समझें । उनमें और आर्द्रभूमि में बहते जल स्रोतों के स्तर को बनाए रखकर बाढ़ और सूखे को नियंत्रित  करने की क्षमता होती है और ये भूजल को रीचार्ज करने में सहायक है। इनके अन्दर गाद भी जमा होता रहता है जिनसे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को ताजे पोषक तत्त्व मिलते रहते हैं। झीलें और आर्द्रभूमि कार्बन को पृथक करने का कार्य करती हैं। जिनसे विश्व का जलवायु विनियमित होता है और आर्द्रभूमि...

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धीरे धीरे होती जा रही है बूढ़ी धरती

भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि गुरुत्वाकर्षण शक्ति के घटते जाने के कारण धीरे-धीरे अब हो रही है बूढ़ी धरती । परन्तु कुछ लोग इस संभावना से इंकार कर रहे हैं ।