सात अरब वर्ष पुराना स्टारडस्ट-पृथ्वी पर प्राचीनतम ठोस सामग्री

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वैज्ञानिकों ने आज से 50 वर्ष पहले आस्ट्रेलिया में गिरे उल्कापिंड में ऐसा स्टारडस्ट खोजा  है जिसका निर्माण आज से 5 से 7 अरब वर्ष पहले हुआ था। इस तरह यह पृथ्वी पर प्राप्त होने वाला अब तक का प्राचीनतम ठोस सामग्री है। ‘प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज’ में प्रकाशित शोध आलेख, जिसके मुख्य लेखक फिलिप हेक हैं, के अनुसार तारों के जिस ठोस नमूना की खोज की गई है वह ‘सौर-पूर्व खनिजों का दाना’ (presolar grains-minerals) है जिसका निर्माण सूर्य के जन्म से पहले हुआ था। इस स्टारडस्ट को किसी मरते हुए तारा ने अपने जीवन के अंतिम चरण में ब्रह्माण्ड में उगल दिया था। जिस उल्कापिंड में यह ठोस पदार्थ प्राप्त हुआ है वह वर्ष 1969 में आस्ट्रेलिया में आ गिरा था। जैसा कि ऊपर कहा गया कि यह स्टारडस्ट आज से 5 से 7 अरब वर्ष पहले का है जबकि हमारा सूर्य 4.6 अरब वर्ष पुराना है और पृथ्वी 4.5 अरब वर्ष पुरानी है।

यह खोज काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पता लगाया जा सकता है कि हमारी ग्लैक्सी में तारों का जन्म कैसे हुआ था। इससे हम अपने शरीर में कार्बन की उत्पति के बारे में जान सकते हैं, ऑक्सीजन की उत्पति के बारे में जान सकते हैं जिसे हम सांस लेते हैं। इस स्टारडस्ट की खोज इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि सौर-पूर्व कण काफी दुर्लभ है। पृथ्वी पर गिरने वाले लगभग पांच प्रतिशत उल्का पिंडों में ही ये प्राप्त होते हैं।

उल्लेखनीय है कि तारों का अपना जीवन चक्र होता है। इनका जन्म तब होता है जब अंतरिक्ष में तैरते धुल एवं गैस कण आपसे मिलते हैं और टकराते हैं और गर्म हो जाते हैं। वे करोड़ों एवं अरबों वर्षों तक जलते रहते हैं। जब वे मरते हैं तब वे अपनी वायु में निर्मित कणों को अंतरिक्ष में छोड़ते हैं। धुलकणों का यही कण अंततः नया तारा बनता है, साथ में नए ग्रह, चंद्रमा व उल्कापिंडों का भी निर्माण होता है। सौर-पूर्ण कणों (प्री-सोलर ग्रेंस) का निर्माण तब होता है जब तारों की मृत्यु होती है।

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