Controlling the Covid-19 Pandemic: The Role of Strong Healthcare Systems

The COVID-19 pandemic has brought the subject of healthcare to the forefront. With an increasing number of cases every day, the health systems of most countries are stretched out. The healthcare workers are at the frontline in this battle against COVID-19. As such, it becomes pertinent to ask the question that why some countries are […]

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Healing ozone layer has paused shifting jet stream, says study

After the discovery of the stratospheric ozone hole over Antarctica, scientists across the world raised concerns over its catastrophic impacts and called world leaders to deliberate and take measures to save the ozone layer. The Montreal Protocol of 1987 was the outcome of these continuous deliberations and provided direction to phase down the consumption and […]

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migration paradox

Migration Paradox: Misrepresentation of Duration in Census Data

The percentage of migrant population in India has gone up from 30.1 per cent in 2001 to 37.64 per cent in 2011 as per the recently released data from Population Census (Fig. 1). The growth rate of migrants has jumped from 35 per cent during 1991-01 to 45 percent during 2001-11.The rise is noted both […]

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माउंट एवरेस्ट

माउंट एवरेस्ट पर इतनी भीड़ एवं दुर्घटना क्यों?

इस बार के सीजन में दुनिया के सबसे ऊँचे पहाड़ माउंट एवरेस्ट पर इतने लोग चढ़ने आ गए कि जाम लग गया। उस जाम के कारण दुर्घटना हुयी और 11 लोग मारे गए .उनमे २ भारतीय भी हैं । 4 दिन पहले एक ही दिन 250 से जयादा लोग एवरेस्ट शिखर पर चढ़ने के लिए लाइन लगाए हुए […]

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अटलांटिक हरिकेन

भारतीय मानसून, अटलांटिक हरिकेन को कैसे प्रभावित कर रहा है?

हाल के एक अध्ययन के अनुसार हिंद महासागर में उत्पन्न होने वाला  मजबूत मानसून पूर्वोन्मुख पवन को प्रेरित कर सकता है जिससे अटलांटिक महासागर में उत्पन्न होने वाला हरिकेन पश्चिम में अमेरिका की ओर रूख कर सकता है। इस अध्ययन के मुताबिक जिस वर्ष गर्मी में मानसूनी वर्षा की तीव्रता अधिक होती है उस वर्ष […]

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तापमान में वृद्धि से बढ़ेगी हर प्रकार की समस्या

आज हर व्यक्ति पर्यावरण की बात करता है। प्रदूषण से बचाव के उपाय सोचता है। व्यक्ति स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त पर्यावरण में रहने के अधिकारों के प्रति सजग होने लगा है और अपने दायित्वों को समझने लगा है। वर्तमान में विश्व ग्लोबल वॉर्मिंग के सवालों से जूझ रहा है इस सवाल का जवाब जानने के लिए […]

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लॉजिस्टिक्स में नवाचारों से सधेगा पर्यावरण संतुलन

प्रकृति में पर्यावरण संतुलन को बनाये रखने के लिए उन सभी क्षेत्रों में नवाचारों की आवश्यकता है जो देश की अर्थव्यवस्था में प्रमुख योगदानकर्ता हैं। विगत मार्च माह के अंतिम सप्ताह में कोंकण रेलवे और कंटेनर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (कानकोर) के बीच एक एमओयू के आधार पर 43 करोड़ रुपये के निवेश से निर्मित […]

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आईएचबीटी ने विकसित की उत्तम गुणवत्ता की हर्बल चाय

सीएसआईआर-आईएचबीटी द्वारा उत्तम स्वास्थ्य वर्द्धक पेय के तौर पर हर्बल चाय निर्माण की विधि विकसित की गई है। संस्थान द्वारा विकसित हर्बल चाय को विशेष गुणवत्ता वाले औषधीय एवं सुगंधित पौधों की पत्तियों, फूलों तथा फलों के अर्क के मिश्रण से तैयार किया जाता है। वर्षा ऋतु में सामान्य चाय की गुणवत्ता प्रभावित हो जाती […]

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ग्रीष्म ऋतु में हीट वेव लेकिन तापमान में कमी रहेगी

भारतीय मौसम विभाग द्वारा 1 अप्रैल, 2018 को जारी ‘ऋतुनिष्ठ दृष्टिकोण‘ के अनुसार अप्रैल-जून 2018 के महीनों में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान ‘औसत से ऊपर’ रहेगा।’ आईएमडी आलोच्य अवधि अप्रैल-जून को वास्तविक ग्रीष्म ऋतु मानता है। ‘औसत से ऊपर’ तापमान की स्थिति का मतलब है कई जगह हीट वेव की स्थिति भी रहेगी। […]

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सीएसआईआर ने विकसित की कांगड़ा चाय की उन्नत किस्म

सीएसआईआर-आईएचबीटी (हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान) पर्वतीय क्षेत्र की पादप व पुष्प प्रजातियों की उन्नत किस्मों के संवर्धन में अपना विशिष्ट योगदान कर रहा है। इसी क्रम में सीएसआईआर-आईएचबीटी ने हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में उगने वाली कांगड़ा चाय की उन्नत प्रजाति विकसित की है। कांगड़ा चाय हिमालय क्षेत्र की धौलाधर पर्वतमाला की तलहटियों […]

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