” लोकल पद्धतियों के जरिये किसानों को वोकल बनाने का प्रयास कर रहा हूँ “

प्रश्न:  जैविक खेती की ओर आपका रुझान कैसे हुआ? डॉ महीपाल: पर्यावरण सुरक्षा, उचित पोषण एवं सतत कृषि से ही सतत विकास संभव है, इस तथ्य का पता मुझे विभिन्न साहित्य पढ़ने एवं जमीन पर कार्य करने से चल गया था। इसके लिए मैंने सोचा कि गांव में किसानों के बीच रह कर जैविक खेती […]

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लॉजिस्टिक्स में नवाचारों से सधेगा पर्यावरण संतुलन

प्रकृति में पर्यावरण संतुलन को बनाये रखने के लिए उन सभी क्षेत्रों में नवाचारों की आवश्यकता है जो देश की अर्थव्यवस्था में प्रमुख योगदानकर्ता हैं। विगत मार्च माह के अंतिम सप्ताह में कोंकण रेलवे और कंटेनर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (कानकोर) के बीच एक एमओयू के आधार पर 43 करोड़ रुपये के निवेश से निर्मित […]

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आईएचबीटी ने विकसित की उत्तम गुणवत्ता की हर्बल चाय

सीएसआईआर-आईएचबीटी द्वारा उत्तम स्वास्थ्य वर्द्धक पेय के तौर पर हर्बल चाय निर्माण की विधि विकसित की गई है। संस्थान द्वारा विकसित हर्बल चाय को विशेष गुणवत्ता वाले औषधीय एवं सुगंधित पौधों की पत्तियों, फूलों तथा फलों के अर्क के मिश्रण से तैयार किया जाता है। वर्षा ऋतु में सामान्य चाय की गुणवत्ता प्रभावित हो जाती […]

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ग्रीष्म ऋतु में हीट वेव लेकिन तापमान में कमी रहेगी

भारतीय मौसम विभाग द्वारा 1 अप्रैल, 2018 को जारी ‘ऋतुनिष्ठ दृष्टिकोण‘ के अनुसार अप्रैल-जून 2018 के महीनों में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान ‘औसत से ऊपर’ रहेगा।’ आईएमडी आलोच्य अवधि अप्रैल-जून को वास्तविक ग्रीष्म ऋतु मानता है। ‘औसत से ऊपर’ तापमान की स्थिति का मतलब है कई जगह हीट वेव की स्थिति भी रहेगी। […]

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गहरी खाइयों से कटा हुआ है समुद्र तल

1930 के दशक के उत्तरार्द्ध से समुद्री भूगर्भशास्त्र में नई तकनीकों का सूत्रपात हो चुका है। गुरूत्व मापन और बिंबयोजना के कारण समुद्र की सतह और तली संरचना का सही-सही मापन संभव हुआ है। समुद्र तल भारी पर्वत श्रृंखलाओं, मध्य-सागरीय पर्वत मालाओं से घिरा हुआ है जो वैश्विक नेटवर्क का निर्माण करता है और वह […]

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बांस से कोयला बनाना एक नया रोजगार

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अपने व्यवसाय के रूप में मूलरूप से कृषि का चयन करते हैं। उनके लिए दूसरा उत्तम रोजगार पशुपालन के रूप में दिखता है। कृषि-मौसमों रबी, खरीफ, जायद के अलावा वर्ष का जो समय शेष बचता है उनमें वे अपने लिए कोई वैकल्पिक रोजगार ढूंढते हैं। वैज्ञानिक अनुसंधानों के […]

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हिम का ढलान की ओर तीव्र प्रवाह है हिमधाव

हिमनद क्षेत्र में बर्फ की नदियां होती हैं, जो निरंतर गतिमान रहती हैं तथा जिनका निर्माण सैकड़ों या हजारों वर्षों के दौरान हिम के संहनन और पुनः रवाकरण द्वारा होता है। प्रवाहपूर्ण संचलन चाहे वह कुछेक सेंटीमीटर या दस मीटर प्रतिदिन क्यों न हो, एक हिमनद को मृत बर्फ के ढेर से अलग करता है। […]

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फसल के लिए नाइट्रेट की आवश्यकता

पादपों की जड़ों द्वारा अवशोषित नाइट्रेट बड़े कार्बनिक अणुओं में शामिल हो जाते हैं जो कि जानवरों द्वारा खाए जाने पर उनमें अन्तरित हो जाते हैं। जिन पादपों का राइजोबियम के साथ पारस्परिक संबंध होता है, उनमें से कुछ नाइट्रोजन गांठों से प्राप्त अमोनियम आयनों के रूप में आत्मसात हो जाता है। हालांकि, सभी पादप […]

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कवकधारी मछली की प्राप्ति का क्षेत्र व उपयोग संभाव्यता

कवकधारी मछली अथवा प्रकाशवान मछलियां मेसोपेलॉजिक मछलियों का समूह हैं जो मध्य, पश्चिमी और उत्तरी अरब सागर में प्रचुरता से तथा भारतीय अनन्य आर्थिक क्षेत्र में मध्यम प्रचुरता में पाई जाती हैं। वर्ष 2007-12 के दौरान किए गए सजीव समुद्री संसाधन सर्वेक्षणों के फलस्वरूप भारतीय अनन्य आर्थिक क्षेत्र में कवकधारी मछली की संसाधन उपलब्धता को […]

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वायु-दाब है मानसून की उत्पत्ति का कारण

मौसम के अनुसार क्रम परिवर्तित करने वाली पवनें मानसून कहलाती हैं। मानसून दो परस्पर मौसम वाली जलवायु है तथा पवनों का उत्क्रमण मानसूनी जलवायु का मूल सिद्धान्त है। इसे अधिक स्पष्ट करते हुए सिम्पसन ने कहा है किए ‘‘मानसूनh पवनें वास्तव में व्यापारिक एवं पछुआ हवाओं के उत्तर व दक्षिण की ओर स्थानान्तरण से उत्पन्न […]

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