आपदा बचाव का पारितंत्र आधारित दृष्टिकोण

एशिया आज त्वरित शहरीकरण के दौर से गुजर रहा है और वर्ष 2018 में इसकी 54 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों  में रह रही थी जिनका सकल घरेलू उत्पाद में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान है। शहरी केंद्रों को जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के नुकसान के वृहत्त संचालकों में से एक माना जाता […]

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आपदा प्रबंधन हेतु स्थानीय क्षमता वृद्धि की जरूरत

प्रभाव के दृष्टिकोण से किसी भी आपदा, प्राकृतिक या मानव जनित, का स्वरूप क्या होगा, बहुत हद तक स्थानीय समुदाय, राज्य व  राष्ट्रीय सरकारों द्वारा पूर्व में किये गए बेहतर प्रबंधन व उस अनुरूप कार्रवाई पर निर्भर करता है। दो उदाहरण इस कथन की पुष्टि कर देता है। फनी चक्रवात व पटना बाढ़। जहां फनी […]

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‘जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन’ पर सम्मेलन

अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस 2019 की पूर्व संध्या पर  राजधानी दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में ‘जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन’ पर एक सम्मेलन आयोजित हुआ। इसे अंतरराष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (आईआईडीएम) ने आयोजित किया था। सम्मेलन में आपदा प्रबंधन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विशेषज्ञों ने अपनी राय व अनुभव साझा किए। यह सम्मेलन […]

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झंझावात-क्या है इसके पीछे का विज्ञान?

आए दिन हम अखबारों में झंझावात (थंडरस्टॉर्म), बिजली गिरने से लोगों की मौत जैसी खबरें पढ़ते हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने से होने वाली मौत की कुछ ज्यादा ही खबरें आती हैं। क्या आप जानते हैं कि जमीन पर ये बिजलियां कैसे गिरती हैं और इसके पीछे का विज्ञान क्या है? झंझावात के […]

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माउंट एवरेस्ट

माउंट एवरेस्ट पर इतनी भीड़ एवं दुर्घटना क्यों?

इस बार के सीजन में दुनिया के सबसे ऊँचे पहाड़ माउंट एवरेस्ट पर इतने लोग चढ़ने आ गए कि जाम लग गया। उस जाम के कारण दुर्घटना हुयी और 11 लोग मारे गए .उनमे २ भारतीय भी हैं । 4 दिन पहले एक ही दिन 250 से जयादा लोग एवरेस्ट शिखर पर चढ़ने के लिए लाइन लगाए हुए […]

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china moon mission geography and you

चंद्रमा के डार्क साइड पर चीनी अंतरिक्ष मिशन

नव वर्ष 2019 की शुरुआत के साथ ही पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा ने ‘चांग ए-4‘ (Chang’e 4) नामक एक नए अतिथि का स्वागत किया। परंतु यह अतिथि इस रूप में भिन्न था कि इसने चंद्रमा के उस हिस्सा पर अपने कदम रखे जहां आज तक कोई मानव अंतरिक्ष यान नहीं पहुंच सका। हालांकि […]

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Indian science congress 2019

भारतीय विज्ञान कांग्रेस 2019 और शोध व विकास व्यय

106वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ा कदम या यूं कहें कि एक बड़ी उपलब्धि की ओर अग्रसर हो रहा है। भारत अपना पहला मानव युक्त अंतरिक्ष यान ‘गगनयान वर्ष 2022 में अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है। जीएसएलवी एमके-III […]

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जेंडर गैप

ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2018 -भारत 108वें स्थान पर

विश्व आर्थिक मंच की वर्ष 2018 की लैंगिक अंतराल सूचकांक, ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट, (Global Gender Gap Report 2018) मिश्रित परिणाम वाला प्रतीत होता है, भारत के लिए भी और विश्व के लिए भी। जहां कुछ मामलों में भारत ने प्रगति दिखाई है तो वहीं कुछ मामलों में बेहद ही खराब प्रदर्शन है। रिपोर्ट के […]

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बिग बैंग

डब्ल्यू.एम. केक वेधशाला से बिग बैंग के समय के अवशेष की खोज

खगोलविदों ने बिग बैंग के पश्चात बेसहारा हो गए गैस के बादल का अवशेष सुदूर ब्रह्मांड में खोजा है। साइंस डेली के मुताबिक इसे विश्व का सबसे शक्तिशाली ऑप्टिकल टेलीस्कोप ‘डब्ल्यू.एम.केक वेधशाला’ के द्वारा खोजा गया है। यह वेधशाला हवाई स्थित मौनाकी में स्थित है। उपर्युक्त गैस का पता वेधशाला के इएसआई एवं हाइरेस उपकरणों […]

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जेमिनिड

आखिर क्या है ‘जेमिनिड उल्का वर्षा?

13-14 दिसंबर, 2018 को उत्तरी गोलार्द्ध में जेमिनिड उल्का वर्षा (Geminids meteor shower) की सर्वाधिक चमक देखने को मिली। हालांकि ये उल्कावर्षा 4 से 17 दिसंबर तक सक्रिय रहती हैं। जेमिनिड काफी विश्वसनीय उल्का वर्षा होती हैं जिसे पूरे विश्व में दो बजे रात्रि में देखा जा सकता है। उल्का वर्षा को जेमिनिड इसलिए कहा […]

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