भूगोल और आप |

वैश्विक ताप वृद्धि के प्रभाव से गिरेगा धरती का भू-जल स्तर

वैश्विक ताप वृद्धि के संभावित प्रभावों में हैं- हिमनदों का पिघलना, महादेशों से जल अपवाह में वृद्धि, समुद्रीय संस्तरीकरण जिसके कारण समुद्री उत्पादकता और मछली उत्पादन में कमी हो जाना। समुद्र के स्तर में वृद्धि, तटवर्ती भूमि का कम हो जाना, तूफानों, चक्रवातों और प्रचंड मौसमी घटनाओं की बारम्बरता में वृद्धि होना, बाढ़ से ऊपरी कृषि मृदा को नुकसान होना, मलेरिया जैसी बीमारियों का नए गर्म क्षेत्रों में फैलना, पर्वतीय वनस्पति का उच्च उन्नांश में उगना आदि शामिल हैं। ताप...

To purchase this article, kindly sign in

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.