तापमान में वृद्धि से बढ़ेगी हर प्रकार की समस्या

आज हर व्यक्ति पर्यावरण की बात करता है। प्रदूषण से बचाव के उपाय सोचता है। व्यक्ति स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त पर्यावरण में रहने के अधिकारों के प्रति सजग होने लगा है और अपने दायित्वों को समझने लगा है। वर्तमान में विश्व ग्लोबल वॉर्मिंग के सवालों से जूझ रहा है इस सवाल का जवाब जानने के लिए […]

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भारत में जलवायु सेवाएं और इनके प्रबंधन उद्देश्य

मौसम संबंधी उग्र स्थितियाँ पूरे विश्व में लोगों को प्रभावित कर रही हैं। इनमें से कुछ घटनाओं की तीव्रता और बारंबारता (बार-बार घटित होना) में वृद्धि होने की संभावना रहती है और ये भविष्य के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियाँ हैं। इन समस्याओं को सामना करने का एक तरीका नई अल्प-कार्बन ऊर्जा एवं परिवहन प्रौद्योगिकियों का विकास […]

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प्रवालभित्ति विरेचन की घटनाएं बढ़ना चिंताजनक

समुद्री सतह के तापमान बढ़ने, सौर्य विकिरण, गाद जमा होने, जेनोबाइटिक्स, उपवायव (सबएरियल) प्रकटीकरण, अकार्बनिक पोषक तत्वों, मीठे जल के सम्पर्क के कारण जल की सान्द्रता कम होने, एपिजूटिक्स सहित प्रवाल पर्यावरण में मानव जनित और प्राकृतिक परिवर्तनों के कारण प्रवालभित्ति का विरेचन होता है। विगत 30 वर्षों के दौरान प्रवाल विरेचन की घटना  में […]

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रचनात्मक जलवायु परियोजना

रचनात्मक जलवायु परियोजना का कार्यरूप और विशेषता

एक दीर्घावधि की वेब डायरी रचनात्मक जलवायु परियोजना है, जो सूर्य रश्मियों से प्रकाशित है। इसके अंतर्गत एक नए दृष्टिकोण को अपनाया गया है, जिसका उद्देश्य परिवर्तन की गाथाओं के माध्यम से लोगों को जानकारी प्रदान करना, प्रेरणा प्रदान करना और उनका नेटवर्क तैयार करना है। ओपन यूनिवर्सिटी के संरक्षण में बी.बी.सी. के साथ अहम […]

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दक्षिण ध्रुव व जलवायु परिवर्तन औऱ मानव समाज की सुरक्षा

दक्षिण ध्रुव व जलवायु परिवर्तन औऱ मानव समाज की सुरक्षा

पृथ्वी प्रणाली विज्ञान शीर्षक के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए विश्वसनीय प्रमाण के अनुसरण में मानव समाज आधारित जलवायु परिवर्तन की बहुमुखी चुनौती मानव समाज विज्ञानय मानवीय हस्तक्षेप के अभूतपूर्व स्तर के कारण जैव मंडल में हुए भारी रूपांतरण के परिणामस्वरूप शुरू हुए एक नए भूगर्भीय युग के पारिस्थितिकीय संदर्भ में ‘सुरक्षा के साथ-साथ संप्रभुता’  पर […]

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जलवायु परिवर्तन का समुद्री मत्स्ययन पर प्रभाव

मत्स्ययन पर जलवायु परिवर्तन के संभावित परिणामों के बारे में पता लगाने हेतु अनुसंधान चल रहे हैं। हालांकि, मछली स्टॉकों और उनके अभिगमनों पर वैश्विक तापवृद्धि के प्रभावों के बारे में भविष्यवाणी कर पाना काफी कठिन कार्य है। जलवायु परिवर्तन का मत्स्ययन पर भारी प्रभाव पड़ सकता है जिसके भारत में जनसंख्या के बड़े वर्ग […]

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