रचनात्मक जलवायु परियोजना का कार्यरूप और विशेषता
<p>एक दीर्घावधि की वेब डायरी रचनात्मक जलवायु परियोजना है, जो सूर्य रश्मियों से प्रकाशित है। इसके अंतर्गत एक नए दृष्टिकोण को अपनाया गया है, जिसका उद्देश्य परिवर्तन की गाथाओं के माध्यम से लोगों को जानका...
<p>पृथ्वी की सतह के तापमान का क्रमिक रूप से बढ़ना वैश्विक उष्णता है जिसके बारे में माना जाता है कि यह ग्रीन हाउस गैसों के प्रभाव के कारण होता है और इससे वैश्विक प्रतिमानों पर मौसम में परिवर्तन होता है।...
<p>आर्थिक विकास का देश में ऊर्जा उपयोग के साथ एक मजबूत अंतःसंबंध है। भारत में वर्ष 2005-06 और 2006-07 के दौरान सकल घरेलू उत्पाद में क्रमशः 9 प्रतिशत और 9.2 प्रतिशत वृद्धि दर रही थी। भारत को अपनी खपत क...
<p>जल संसाधनों पर वैश्विक जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का कैसे मूल्यांकन किया जाए और इससे कैसे निपटा जाए बहुत सारे पारितंत्र में जल संसाधनों का जाल सा बिछा हुआ है, निरंतर बढ़ती जा रही जनसंख्या ऊर्जा खपत...
<p>एक दीर्घावधि की वेब डायरी रचनात्मक जलवायु परियोजना है, जो सूर्य रश्मियों से प्रकाशित है। इसके अंतर्गत एक नए दृष्टिकोण को अपनाया गया है, जिसका उद्देश्य परिवर्तन की गाथाओं के माध्यम से लोगों को जानकारी प्रदान करना, प्रेरणा प्रदान करना और उनका नेटवर्क तैयार करना है। ओपन यूनिवर्सिटी के संरक्षण में बी.बी.सी. के साथ अहम […]</p>
<p>पृथ्वी की सतह के तापमान का क्रमिक रूप से बढ़ना वैश्विक उष्णता है जिसके बारे में माना जाता है कि यह ग्रीन हाउस गैसों के प्रभाव के कारण होता है और इससे वैश्विक प्रतिमानों पर मौसम में परिवर्तन होता है। विगत काल में वैश्विक उष्णता प्राकृतिक प्रभावों के फलस्वरूप हुई थी, परन्तु इस शब्द का […]</p>
<p>आर्थिक विकास का देश में ऊर्जा उपयोग के साथ एक मजबूत अंतःसंबंध है। भारत में वर्ष 2005-06 और 2006-07 के दौरान सकल घरेलू उत्पाद में क्रमशः 9 प्रतिशत और 9.2 प्रतिशत वृद्धि दर रही थी। भारत को अपनी खपत का लगभग 75 प्रतिशत तेल आयात करना पड़ता है। इसमें और वृद्धि होने की संभावना है, […]</p>